नेता प्रतिपक्ष और उत्तराखंड (Uttarakhand) कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश का हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया है। डॉ. इंदिरा हृदये (Indira Hridayesh) को गंभीर हालत में दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। नेता की मौत से कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

इंदिरा हृदयेश (Indira Hridayesh)  के निधन की पुष्टि कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने की है। सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि उन्हें दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में हार्ट अटैक आया।

बता दें कि वह कांग्रेस संगठन की बैठक में शामिल होने दिल्ली में गईं थीं। जहां उनकी तबीयत रविवार की सुबह ज्यादा खराब हो गई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जंहा इंदिरा हृदयेश का निधन हो गया।

नेता प्रतिपक्ष कोरोना से कुछ समय पहले ही उभरी थीं। साथ ही हार्ट संबंधी सर्जरी भी हुई थी। नेता के बेटे सुमित भी दिल्ली पहुंच रहे हैं।  इंदिरा हृदयेश  के शव को उत्तराखंड (Uttarakhand) ले जाने की तैयारी हो रही है।

उत्तराखंड की राजनीति में बड़ी भूमिका

डॉ. इंदिरा हृदयेश के निधन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार दशक से इंदिरा हृदयेश ने यूपी से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाई। इंदिरा हृदयेश क कुशल प्रशासक, वरिष्ठ राजनीतिज्ञ व संसदीय ज्ञान की जानकार थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा परिचय इंदिरा हृदयेश से दशकों पुराना रहा है। मुझे उनसे सदा बड़ी बहन जैसी आत्मीयता मिली। इस कठिन समय में मैं उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति अपनी सांत्वना व्यक्त करता हूं।

राजनीतिक जगत में शोक

सूंपर्ण राजनीतिक जगत में इंदिरा हृदयेश के निधन पर शोक व्याप्त है। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दुख प्रकट किया है।

इंदिरा हृदयेश के निधन पर राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने दुख प्रकट किया।

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