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चाणक्य नीति: बुद्धिमान व्यक्ति भी इन वजह से पड़ जाता है, घोर कष्ट में

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Chanakya Niti In Hindi: अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को आचार्य चाणक्य ने बदल कर रख दिया था। आचार्य चाणक्य ने बुद्धिमत्ता और नीतियों के बलपर नंदवंश का नाश करके चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाया। चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री होने ये विष्णु गुप्त और कौटिल्य के रूप में विख्यात हुए।

Chanakya Niti In Hindi: अपने गहन अध्ययन, जीवन के अनुभवों से अर्जित अमूल्य ज्ञान को आचार्य चाणक्य ने नि:स्वार्थ भाव से मानवीय कल्याण के उद्देश्य से ग्रंथों में पिरोया है। जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण नीतियां नीति शास्त्र में बताई गई हैं। कुछ ऐसी बातों के बारे में  चाणक्य नीति में बताया गया है। जिसकी वजह से बुद्धिमान व्यक्ति भी कष्टों में आ जाता है। तो आइए जानते हैं

मूर्ख को उपदेश देना

आचार्य चाणक्य के अनुसार यदि एक पंडित भी घोर कष्ट में आ जाता है। अगर वह मूर्ख को उपदेश देता है। किसी की ज्ञान की बात को भी मूर्ख व्यक्ति अपने कुतर्को के आगे नहीं मानते हैं। ऐसे लोगों को उपदेश देना सिर्फ अपने बहुमूल्य समय की बर्बादी करना है। सदैव सही व्यक्ति को अपना ज्ञान को देना चाहिए ताकि सही प्रकार से वह उसका प्रयोग कर सके।

दुष्ट पत्नी का पालन-पोषण करना

चाणक्य नीति के अनुसार हर व्यक्ति का कर्तव्य होता है कि वह अपनी पत्नी का पालन-पोषण करे । पर एक दुष्ट पत्नी का जो व्यक्ति पालन-पोषण करता है। वह घोर कष्ट में आ जाता है। मान-सम्मान की हानि दुष्ट स्वभाव की स्त्री के कारण तो होती ही है। साथ ही मुसीबत का सामना भी व्यक्ति को करना पड़ता है। ऐसी स्त्री की वजह से जीवन नर्क के समान हो जाता है।

दुखी व्यक्ति से घनिष्ठ संबंध बनाने से

चाणक्य नीति के अनुसार किसी दुखी व्यक्ति के साथ यदि कोई व्यक्ति अत्यंत घनिष्ठ सम्बन्ध बना लेता है। तो वह घोर कष्ट में आ जाता है। ऐसा व्यक्ति स्वयं तो हर समय दुखी रहता ही है। साथ ही आपको भी दुखी करता है। स्वयं को ऐसा व्यक्ति हर समय परेशानियाें में घिरा हुआ अनुभव करता है। जीवन में आगे नहीं बढ़ पाता है।
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