Global Statistics

All countries
261,961,946
Confirmed
Updated on November 29, 2021 8:22 PM
All countries
234,833,831
Recovered
Updated on November 29, 2021 8:22 PM
All countries
5,220,465
Deaths
Updated on November 29, 2021 8:22 PM

Global Statistics

All countries
261,961,946
Confirmed
Updated on November 29, 2021 8:22 PM
All countries
234,833,831
Recovered
Updated on November 29, 2021 8:22 PM
All countries
5,220,465
Deaths
Updated on November 29, 2021 8:22 PM

चाणक्य नीति: धन को लेकर न करें घमंड, उससे कहीं ज्यादा जरूरी है ये चीजें

Chankya Niti: आज के समय में भी आचार्य चाणक्य की गिनती भारत के सर्वश्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। उन्हें कई विषयों का गहरा ज्ञान था। वे अर्थशास्त्र के ज्ञाता थे। इसलिए उन्हें कौटिल्य और विष्णु गुप्त भी कहा जाता था। आचार्य चाणक्य द्वारा लिखित चाणक्य नीति (Chankya Niti) की नीतियों में जीवन के कई क्षेत्रों से जुड़ी हर समस्या का समाधान बताया गया है। इतने सालों के बाद भी चाणक्य नीतिके शब्द आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। चाणक्य की नीतियां कठोर लग सकती हैं। लेकिन वे मनुष्य को जीवन में सही दिशा देती हैं। और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। चाणक्य की नीतियों को अगर जीवन में ठीक से समझा और लागू किया जाए तो वे अंधेरे में दीपक की तरह काम करती हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में जरूरतों की पूर्ति के लिए पैसा जरूरी है। लेकिनकभी भी धन का अहंकार नहीं करना चाहिए। या उसके पीछे नहीं भागना चाहिए। क्योंकि जीवन में धन से ज्यादा महत्वपूर्ण और भी चीजें हैं।

धर्म

आचार्य चाणक्य के अनुसार धन से अधिक धर्म का महत्व है। धन पाने के लिए कभी भी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। यह धर्म ही है जो व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर करवाता है। धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी भी अपने पथ से विचलित नहीं होता है। और समाज में सम्मान प्राप्त करता है। पैसे से इज्जत और धर्म नहीं खरीदा जा सकता।

रिश्ते

रिश्तों की बात आए तो इस स्थिति में धन का त्याग कर देना चाहिए। धन से रिश्ते प्यार – समर्पण नहीं खरीदे जा सकते। जब धन का भी नाश हो जाता है तो उस स्थिति में बुरे वक्त में दोस्त, परिवार और रिश्ते ही सहारा बनते हैं। इसलिए कभी भी पैसों के लिए रिश्तों की कुर्बानी नहीं देनी चाहिए। धन के अभाव में व्यक्ति जी सकता है लेकिन प्रेम के बिना जीवन नीरस हो जाता है।

आत्म सम्मान

आत्म सम्मान किसी के लिए भी सबसे महत्वपूर्ण चीज है। पैसे से आत्म सम्मान नहीं खरीदा जा सकता। अत: आत्म सम्मान की बात हो तो धन का त्याग कर देना चाहिए। खोया हुआ धन वापस मिल सकता है। लेकिन जब आत्मसम्मान को ठेस लगती है तो एक पल के लिए भी चैन नहीं मिलता।

यह भी पढ़ें – चाणक्य नीति: पैसों के मामले में जो ‘चाणक्य’ की इन बातों का रखता है ख्याल, वह कभी नहीं होता परेशान

यह भी पढ़ें – चाणक्य नीति: जीवन में चाहते हैं सुख-शांति, तो आचार्य चाणक्य की ध्यान रखें ये बातें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

RECENT UPDATED