बारिश से आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल मुकाबला साउथेम्पटन में प्रभावित हो रहा है। हालांकि जितना मैच खेला गया है। भारत उसमें 217 पर ऑलआउट हुआ। टीम इंडिया के टॉप क्लास बल्लेबाजों में से अर्धशतक तक एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंच सका। बात करें, स्पेेशलिस्ट चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) की तो चेतेश्वर पुजारा 54 गेंद पर सिर्फ 8 रन बनाए। ऐसे ही पिछले कुछ समय से पुजारा नजर आए हैं। कोई बड़ी पारी उनके बल्ले से नहीं निकली है।

सिर्फ 8 रन पर हो गए आउट

अब टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल को ही ले लीजिए। भारतीय टीम को फाइनल में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करनी थी। और मुश्किल परिस्तिथियों में चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) से सभी फैंस और मैनेजमेंट लंबी पारी की आस लगाए बैठे थे। 54 गेंद खेल पुजारा ने एक विश्वास तो जरुर दिखाया। पर मात्र आठ रन बनाकर ही पवेलियन लौट गए। पुजारा को 31 गेंदों का सामना आठ रन बनाने के लिए करना पड़ा था।

माना जा रहा था कि टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पुजारा अहम भूमिका निभाएंगे। मगर जिस तरह चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने अपना विकेट गंवाया वह वाकई निराशाजनक था। क्योंकि वह क्रीज पर सेट हो चुके थे।

नहीं निकली ऑस्ट्रेलिया – इंग्लैंड में भी बड़ी पारी

पिछले काफी वक्त से भारत के टेस्ट स्पेसलिस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा आउट फॉर्म ही नजर आ रहे हैं। फिर चाहें आप ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई बॉर्डर-गावस्कर सीरीज को ले लीजिए या चाहें इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई घरेलू टेस्ट सीरीज को। 271 रन ऑस्ट्रेलिया में पुजारा ने बनाए थे। जबकि सिर्फ 133 रन इंग्लैंड के खिलाफ बनाए थे।

हालांकि चेतेश्वर पुजारा द्वारा ऑस्ट्रेलिया में दिखाए गए दृण प्रदर्शन ने भारत को टेस्ट सीरीज में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। मगर बल्ले से आने वाले रन भी अहम होते हैं। जो इस समय पुजारा के बल्ले से नहीं आ रहे हैं।

इंग्लैंड दौरा हो सकता है आखिरी?

चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) पिछले काफी समय से रनों के सूखे से जूझ रहे हैं। अगस्‍त 2019 से चेतेश्वर पुजारा ने 17 टेस्‍ट मैचों में 29.21 की औसत से महज 818 रन ही बनाए। इस वक्त चेतेश्वर पुजा का बल्ला शतक के सूखे से जूंझ रहा है। सिर्फ 9 बार ही 28 पारियों में 50 रन तक पहुंचे। वहीं पुजारा ने इंग्‍लैंड में 9 टेस्‍ट मैचों में 29.41 की औसत से 500 रन बनाए हैं। अगर यदि उनके टेस्ट करियर पर गौर करें। तो पुजारा ने 85 मैचों की 142 पारी में 6 हजार 244 रन बनाए।

मगर पुजारा अब जिस तरह लगातार रनों के लिए जूंझ रहे हैं। तो कहा जा सकता है की इंग्लैंड सीरीज के बाद पुजारा को टीम में जगह बनाने के लिए मशक्कत करनी पड़ सकती है। क्योंकि मजबूत बेंच स्ट्रेंथ भारत के पास है। जो प्रबल दावेदारी प्लेइंग इलेवन में शामिल होने के लिए पेश कर रही है।

 

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