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Chhath Puja 2022: कब है छठ पूजा? पूजा के दौरान न करें नियमों की अनदेखी, नहीं तो अधूरा रह जाएगा व्रत

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Chhath Puja Kab Hai 2022: हिन्दू पंचांग के अनुसार के अनुसार हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा मनाई जाती है। छठ पूजा (Chhath Puja) का आयोजन प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को होता है। छठ त्योहार भारत के कुछ कठिन त्योहारों में से एक है जो 4 दिनों तक चलता है। इस पर्व में 36 घंटे निर्जला व्रत रख सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। यह व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए भी किया जाता है। इस व्रत को महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी करते हैं। कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि पर नहाय-खाय होता है, इसके बाद दूसरे दिन खरना और तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। ऐसे में इस साल छठ पूजा 30 अक्टूबर रविवार को है। मान्यता के अनुसार छठ पूजा और व्रत परिवार के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए रखा जाता है। चार दिनों के इस व्रत को करने की कुछ विधियाँ अत्यंत कठिन हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है 36 घंटे का निर्जला व्रत।

छठ पूजा तिथि

28 अक्टूबर, शुक्रवार-नहाय खाय
29 अक्टूबर, शनिवार-खरना
30 अक्टूबर, रविवार – डूबते सूर्य को अर्घ्य
31 अक्टूबर, सोमवार- उगते हुए सूर्य को अर्घ्य

छठ पूजा मुहूर्त

कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि प्रारंभ: 30 अक्टूबर 2022, पूर्वाह्न 05:49
कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि समाप्त: 31 अक्टूबर 2022, पूर्वाह्न 03:27
सूर्यास्त का समय: शाम 5:37 बजे

व्रत में न करें इन नियमों की अनदेखी

  • छोटे बच्चों को पूजा की किसी भी वस्तु को छूने न दें।
  • पूजा पूर्ण होने तक बच्चे को प्रसाद न खिलाएं।
  • छठ पूजा के दौरान व्रत या परिवार के सदस्यों के साथ कभी भी अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।
  • जो भी महिलाएं छठ मैय्या का व्रत रखें, वह सभी चार दिनों तक पलंग या चारपाई पर न सोते हुए जमीन पर ही कपड़ा बिछाकर सोएं।
  • छठ पर्व के दौरान व्रती समेत पूरे परिवार सात्विक भोजन ग्रहण करे।
  • पूजा की किसी भी चीज को छूने से पहले हाथ अवश्य साफ कर लें।
  • छठ मैया का व्रत करने वालों को अर्घ्य देने से पहले कुछ भी नहीं खाना चाहिए।
  • छठ पूजा के दिनों में गलती से भी फल न खाएं।
  • इस पर्व के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए तांबे या कांसे के बर्तनों का प्रयोग करें।
  • छठ प्रसाद बनाने के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां पहले खाना न बनता हो।
  • छठ पूजा के दौरान साफ ​​कपड़े पहनें।

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