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कंप्यूटर क्या है, इसके प्रकार, विशेषताएं, लाभ और इसकी पीढिया

कंप्यूटर क्या है | Computer Kya Hai In Hindi: आइए जानते हैं कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो डेटा की गणना करने, सूचनाओं को संग्रहीत करने और प्रबंधित करने के लिए निर्देशों को संसाधित करती है। कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से बने होते हैं। कंप्यूटर शब्द लैटिन भाषा के “computare” लिया गया है। इसका अर्थ है कैलकुलेशन करना या गणना करना।

इसके मुख्य रूप से तीन कार्य हैं। पहला डेटा लेना – जिसे हम इनपुट भी कहते हैं। दूसरा काम उस डेटा को प्रोसेस करना होता है और फिर उस प्रोसेस्ड डेटा को दिखाना होता है जिसे आउटपुट भी कहा जाता है।

चार्ल्स बैबेज को आधुनिक कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। क्योंकि उन्होंने सबसे पहले मैकेनिकल कंप्यूटर को डिजाइन किया था, जिसे एनालिटिकल इंजन के नाम से भी जाना जाता है। इसमें पंच कार्ड की मदद से डाटा डाला जाता था।

तो हम कंप्यूटर को एक ऐसा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कह सकते हैं जो इनपुट के रूप में उपयोगकर्ता से Raw Data लेता है। फिर उस डेटा को एक प्रोग्राम के माध्यम से संसाधित करता है और अंतिम परिणाम को आउटपुट के रूप में प्रकाशित करता है। यह संख्यात्मक और गैर संख्यात्मक (अंकगणित और तार्किक) दोनों गणनाओं को प्रोसेस करता है। आशा है कि आपको कंप्यूटर किसे कहते है पसंद आया होगा।

कंप्यूटर क्या है | Computer Kya Hai

Included

  • कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?
  • कंप्यूटर कैसे चलाते हैं?
  • कंप्यूटर का इतिहास
  • कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?
  • कंप्यूटर की परिभाषा
  • कंप्यूटर का काम
  • कंप्यूटर की मूल इकाइयों का नामांकित आरेख
  • कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर
  • कंप्यूटर के प्रकार
  • अन्य प्रकार के कंप्यूटर
  • कंप्यूटर का उपयोग
  • कंप्यूटर के लाभ
  • कंप्यूटर के नुकसान
  • कंप्यूटर का भविष्य

कंप्यूटर क्या है | Computer Kya Hai

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

तकनीकी रूप से कंप्यूटर का कोई फुल फॉर्म नहीं होता है। कंप्यूटर का पूर्ण रूप “कंप्यूटर” है, फिर भी कंप्यूटर का एक काल्पनिक पूर्ण रूप है –

C – Commonly
O – Operated
M – Machine
P – Particularly
U – Used for
T – Technical and
E – Educational
R – Research

कंप्यूटर कैसे चलाते हैं?

कुछ लोगों के लिए, कंप्यूटर का उपयोग करना समझना मुश्किल हो सकता है। यह खंड आपको यह समझने में मदद करेगा कि अपने कंप्यूटर को सुचारू रूप से कैसे संचालित किया जाए।

आप सोच रहे होंगे कि आप एक ही समय में कीबोर्ड और माउस का उपयोग कैसे कर सकते हैं? खैर, यह इतना जटिल नहीं है! इसे कैसे करें, इसके बारे में यहां कुछ निर्देश दिए गए हैं:

माउस पॉइंटर को उस चिह्न या अक्षर पर ले जाएँ, जिस पर आप क्लिक करना चाहते हैं।

बाईं माउस बटन को दबाकर रखें।

पॉइंटर को उस स्थान पर खींचें जहां आप क्लिक करना चाहते हैं।

वांछित गंतव्य पर पहुंचने पर बाईं माउस बटन को छोड़ दें।

कंप्यूटर का इतिहास

कंप्यूटर क्या है, यह जानने के साथ-साथ इसके इतिहास को समझना भी जरूरी है। यह ठीक से सिद्ध नहीं किया जा सकता है कि कंप्यूटर का विकास कब से शुरू हुआ। लेकिन आधिकारिक तौर पर कंप्यूटर के विकास को पीढ़ी के अनुसार वर्गीकृत किया गया है। इन्हें मुख्य रूप से 5 भागों में बांटा गया है।

जब कंप्यूटर की पीढ़ी की बात आती है, तो इसका मतलब है कि जैसे-जैसे कंप्यूटर विकसित हुआ, उन्हें अलग-अलग पीढ़ियों में विभाजित किया गया ताकि उन्हें ठीक से समझना आसान हो।

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी – 1940-1956 “वैक्यूम ट्यूब”

पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों में सर्किटरी के लिए वैक्यूम ट्यूब और मेमोरी के लिए चुंबकीय ड्रम का इस्तेमाल किया जाता था। वे आकार में काफी बड़े हुआ करते थे। इन्हें चलाने में बहुत शक्ति का प्रयोग होता था।

बहुत बड़ा होने के कारण इसमें हीट की भी काफी समस्या होती थी, जिसके कारण इसमें कई बार खराबी आ जाती थी। इनमें मशीनी भाषा का प्रयोग होता था। उदाहरण के लिए, UNIVAC और ENIAC कंप्यूटर।

2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी – 1956-1963 “ट्रांजिस्टर”

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों में, ट्रांजिस्टर ने वैक्यूम ट्यूबों की जगह ले ली। ट्रांजिस्टर बहुत कम जगह लेते थे, छोटे थे, तेज थे, सस्ते थे और अधिक ऊर्जा कुशल थे। वे पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में कम हीट उत्पन्न करते थे लेकिन फिर भी इसमें हीट की समस्या बनी रहती थी।

इसमें COBOL और FORTRAN जैसी हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता था।

3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी – 1964-1971 “एकीकृत सर्किट”

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों में पहली बार इंटीग्रेटेड सर्किट का इस्तेमाल किया गया था। जिसमें ट्रांजिस्टर छोटे छोटे कर सिलिकॉन चिप के अंदर डाले जाते थे। जिसे सेमी कंडक्टर कहते हैं। इसका फायदा यह हुआ कि कंप्यूटर की प्रोसेसिंग क्षमता काफी हद तक बढ़ गई।

इस पीढ़ी के कंप्यूटरों को अधिक उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए पहली बार मॉनिटर, कीबोर्ड और ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया गया था। इसे पहली बार बाजार में उतारा गया।

4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी – 1971-1985 “माइक्रोप्रोसेसर”

चौथी पीढ़ी की यही खासियत है कि इसमें माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया था। जिससे एक ही सिलिकॉन चिप में हजारों इंटीग्रेटेड सर्किट अंतर्निहित किये हुए थे। इससे मशीन के आकार को कम करना बहुत आसान हो गया।

माइक्रोप्रोसेसर के उपयोग से कंप्यूटर की दक्षता और भी अधिक बढ़ गयी। यह कम समय में बहुत बड़ी गणना करने में सक्षम था।

5. कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी – 1985-वर्तमान “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस”

पांचवी पीढ़ी आज के दौर की है जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने अपना दबदबा कायम कर लिया है। अब स्पीच रिकग्निशन, पैरेलल प्रोसेसिंग, क्वांटम कैलकुलेशन जैसी कई उन्नत प्रौद्योगिकियां उपयोग में आ रही हैं।

यह एक ऐसी पीढ़ी है जहां कंप्यूटर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण अपने आप निर्णय लेने की क्षमता आ गई है। धीरे-धीरे इसके सारे काम ऑटोमेटिक हो जाएंगे।

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

आधुनिक कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है? वैसे तो इस कंप्यूटिंग क्षेत्र में कई लोगों ने अपना योगदान दिया है। लेकिन इन सब में से चार्ल्स बैबेज ने ज्यादा योगदान दिया है। क्योंकि वह 1837 में एनालिटिकल इंजन के साथ आने वाले पहले व्यक्ति थे।

इस इंजन में ALU, बेसिक फ्लो कंट्रोल और इंटीग्रेटेड मेमोरी की अवधारणा को लागू किया गया था। इसी मॉडल के आधार पर आज के कंप्यूटर को डिजाइन किया गया। इसलिए उनका योगदान सबसे ज्यादा है। इसीलिए उन्हें कंप्यूटर का जनक भी कहा जाता है।

कंप्यूटर की परिभाषा

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो निर्देशों की एक सूची के अनुसार डेटा में हेरफेर करता है जिसे प्रोग्राम कहा जाता है।

कंप्यूटर शब्द का प्रयोग 17वीं शताब्दी की शुरुआत से किया जा रहा है, जब यह गणना करने वाले या गणना करने वाली मशीन का संचालन करने वाले व्यक्ति को संदर्भित करता है। यह शब्द 19वीं शताब्दी और 20वीं शताब्दी में इन श्रमिकों को संदर्भित करता रहा, जब तक कि इसे बाद में “एक मशीन जो स्वचालित रूप से गणना करता है” लागू किया गया।

accepts data Input
processes data Processing
produces output Output
stores results Storage

कंप्यूटर का काम

इनपुट (डेटा) – इनपुट वह चरण है जिसमें इनपुट डिवाइस का उपयोग करके कंप्यूटर में Raw Information डाली जाती है। यह एक पत्र, चित्र या एक वीडियो भी हो सकता है।

प्रोसेस – प्रोसेस के दौरान इनपुट किए गए डेटा को निर्देश के अनुसार संसाधित किया जाता है। यह पूरी तरह से आंतरिक प्रक्रिया है।

आउटपुट – वह डेटा जो आउटपुट के दौरान पहले ही संसाधित हो चुका है, परिणाम के रूप में दिखाया गया है। और हम चाहें तो इस रिजल्ट को सेव करके भविष्य में उपयोग के लिए मेमोरी में रख सकते हैं।

कंप्यूटर की मूल इकाइयों का नामांकित आरेख

अगर आपने कभी किस कंप्यूटर केस के अंदर देखा है, तो आपने पाया होगा कि अंदर कई छोटे-छोटे कंपोनेंट्स होते हैं, वे बहुत जटिल लगते हैं, लेकिन वास्तव में वे उतने जटिल नहीं होते हैं। अब मैं आपको इन कंपोनेंट्स के बारे में कुछ जानकारी दूंगा।

कंप्यूटर क्या है

मदरबोर्ड

किसी भी कंप्यूटर के मुख्य सर्किट बोर्ड को मदरबोर्ड कहा जाता है। यह एक पतली प्लेट की तरह दिखता है लेकिन इसमें बहुत सी चीजें हैं। जैसे सीपीयू, मेमोरी, कनेक्टर्स हार्ड ड्राइव और ऑप्टिकल ड्राइव के लिए, एक्सपेंशन कार्ड वीडियो और ऑडियो को नियंत्रित करने के लिए। साथ ही कंप्यूटर के सभी पोर्ट का कनेक्शन देखा जाए तो मदरबोर्ड कंप्यूटर के सभी पुर्जों से सीधे या इन डायरेक्टली जुड़ा होता है।

सीपीयू/प्रोसेसर

क्या आप जानते हैं सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट यानी सीपीयू क्या है? । यह कंप्यूटर केस के अंदर मदरबोर्ड में पाया जाता है। इसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है। यह एक कंप्यूटर के भीतर सभी गतिविधियों पर नजर रख रहा होता है। प्रोसेसर की स्पीड जितनी ज्यादा होगी, वह उतनी ही जल्दी प्रोसेसिंग कर पाएगा।

RAM

RAM को हम Random Acess Memory के नाम से भी जानते हैं। यह सिस्टम की शॉर्ट टर्म मेमोरी है। जब भी कंप्यूटर कुछ गणना करता है, तो वह अस्थायी रूप से उस परिणाम को RAM में सहेजता है। यदि कंप्यूटर बंद कर दिया जाता है, तो यह डेटा भी खो जाता है। यदि हम कोई दस्तावेज़ लिख रहे हैं, तो उसे नष्ट होने से बचाने के लिए हमें अपने डेटा को बीच-बीच में सहेज कर रखना चाहिए। अगर डेटा को हार्ड ड्राइव में सेव किया जाता है, तो यह लंबे समय तक टिका रह सकता है।

RAM को मेगाबाइट (MB) या गीगाबाइट (GB) में मापा जाता है। हमारे पास जितनी अधिक RAM होगी, यह हमारे लिए उतना ही अच्छा होगा।

हार्ड ड्राइव

हार्ड ड्राइव वह कॉम्पोनेन्ट है जहां सॉफ़्टवेयर, दस्तावेज़ और अन्य फ़ाइलें सहेजी जाती हैं। इसमें डाटा को लंबे समय तक स्टोर किया जाता है।

पावर सप्लाई यूनिट

पावर सप्लाई यूनिट का काम मुख्य मेन पावर सप्लाई से पॉवर लेना और आवश्यकता के अनुसार अन्य कॉम्पोनेन्ट में सप्लाई करना।

एक्सपेंशन कार्ड

सभी कंप्यूटरों में एक्सपेंशन स्लॉट होते हैं ताकि हम भविष्य में एक्सपेंशन कार्ड जोड़ सकें। इन्हें पीसीआई (पेरिफेरल कंपोनेंट्स इंटरकनेक्ट) कार्ड भी कहा जाता है। लेकिन आज के मदरबोर्ड में पहले से ही कई स्लॉट हैं। कुछ एक्सपेंशन कार्डों के नाम जिनका उपयोग हम पुराने कंप्यूटरों को अपडेट करने के लिए कर सकते हैं।

Video Card
Sound card
Network Card
Bluetooth Card (Adapter)

यदि आप कभी भी कंप्यूटर के अंदर की चीजें खोल रहे हैं, तो आपको सबसे पहले मुख्य सॉकेट से प्लग को हटाना चाहिए।

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर

हम कंप्यूटर हार्डवेयर को ऐसी कोई भौतिक डिवाइस कह सकते हैं जिसका हम अपने कंप्यूटर में उपयोग करते हैं, जबकि कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर का अर्थ है कोड का संग्रह जो हम हार्डवेयर को चलाने के लिए अपनी मशीन की हार्ड ड्राइव में इनस्टॉल करते हैं।

उदाहरण के लिए, कंप्यूटर मॉनीटर जिसे हम पढ़ने के लिए इस्तमाल करते हैं। माउस जिसे हम नेविगेट करने के लिए उपयोग करते हैं, ये सभी कंप्यूटर हार्डवेयर हैं। वहीं जिस इंटरनेट ब्राउजर से हम वेबसाइट पर जाते हैं और वह ऑपरेटिंग सिस्टम जिसमें वह इंटरनेट ब्राउजर चलता है। ऐसी चीजों को हम सॉफ्टवेयर कहते हैं।

हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का एक संयोजन है, दोनों की भूमिकाएँ समान हैं, दोनों एक साथ कोई भी काम कर सकते हैं।

कंप्यूटर के प्रकार

कंप्यूटर एक प्रकार की मशीन है जिसका उपयोग लोग सूचनाओं की गणना के लिए करते हैं। कंप्यूटर को अक्सर आधुनिक दुनिया का दिमाग कहा जाता है क्योंकि इनका उपयोग लगभग हर उद्योग में और कई अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

कंप्यूटर दो प्रकार के होते हैं, एनालॉग और डिजिटल। एनालॉग कंप्यूटरों को कम शक्ति की आवश्यकता होती है लेकिन डेटा को संसाधित करने के लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है, जबकि डिजिटल कंप्यूटरों को अधिक शक्ति की आवश्यकता होती है लेकिन डेटा संसाधित करने के लिए कम समय की आवश्यकता होती है।

जब भी हम कंप्यूटर शब्द का प्रयोग सुनते हैं तो हमारे दिमाग में पर्सनल कंप्यूटर की ही तस्वीर आती है। मैं आप लोगों को बता दूं कि कंप्यूटर कई प्रकार के होते हैं। विभिन्न शेप और साइज में आते है। हम जरूरत के हिसाब से इनका इस्तेमाल करते हैं, जैसे पैसे निकालने के लिए एटीएम, बारकोड को स्कैन करने के लिए स्कैनर, कोई भी बड़ी गणना करने के लिए कैलकुलेटर। ये सभी अलग-अलग प्रकार के कंप्यूटर हैं।

1. डेस्कटॉप

बहुत से लोग अपने घरों, स्कूलों और अपने निजी काम के लिए डेस्कटॉप कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं। इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि हम इन्हें अपने डेस्क पर रख सकें। इनमें मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, कंप्यूटर केस जैसे कई पार्ट होते हैं।

2. लैपटॉप

आप लैपटॉप के बारे में तो जानते ही होंगे जो बैटरी से चलने वाले होते हैं, ये बहुत ही पोर्टेबल होते हैं जिससे इन्हें कहीं भी और कभी भी ले जाया जा सकता है।

3. Tablet

अब बात करते हैं टैबलेट की, जिसे हम हैंडहेल्ड कंप्यूटर भी कहते हैं क्योंकि इसे हाथों में आसानी से पकड़ा जा सकता है।

इसमें कीबोर्ड और माउस नहीं है, बस एक टच सेंसिटिव स्क्रीन है जिसका इस्तेमाल टाइपिंग और नेविगेशन के लिए किया जाता है। उदाहरण- आईपैड।

4. Servers

सर्वर एक प्रकार का कंप्यूटर है जिसका उपयोग हम सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए करते हैं। उदाहरण के तौर पर जब भी हम इंटरनेट पर कुछ सर्च करते हैं तो वह सारी चीजें सर्वर में ही स्टोर हो जाती हैं।

अन्य प्रकार के कंप्यूटर

आइए अब जानते हैं कि अन्य प्रकार के कंप्यूटर क्या हैं।

स्मार्टफ़ोन – जब एक सामान्य सेल फोन में इंटरनेट इनेबल हो जाता है, तो हम उसके इस्तेमाल से कई काम कर सकते हैं, तो ऐसे सेल फोन को स्मार्टफोन कहा जाता है।

पहनने योग्य – पहनने योग्य तकनीकी उपकरणों के एक समूह के लिए एक सामान्य शब्द है – जिसमें फिटनेस ट्रैकर्स और स्मार्टवॉच शामिल हैं – जिन्हें पूरे दिन पहनने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन उपकरणों को अक्सर पहनने योग्य कहा जाता है।

गेम कंसोल यह गेम कंसोल भी एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर है जिसका उपयोग आप अपने टीवी पर वीडियो गेम खेलने के लिए करते हैं।

टीवी – टीवी भी एक प्रकार का कंप्यूटर है जिसमें अब कई एप्लिकेशन या ऐप शामिल हैं जो इसे स्मार्ट टीवी में बदल देते हैं। अब आप इंटरनेट से सीधे अपने टीवी पर वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं।

कंप्यूटर का उपयोग

कंप्यूटर का उपयोग कहाँ किया जाता है? देखा जाए तो हम अपने जीवन में हर जगह कंप्यूटर का इस्तेमाल करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। यह हमारा एक हिस्सा जैसा बन गया है। मैंने आपकी जानकारी के लिए इसके कुछ उपयोग नीचे लिखे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग – शिक्षा में इनका सबसे बड़ा हाथ होता है, अगर कोई छात्र किसी चीज के बारे में जानकारी चाहता है, तो कंप्यूटर की मदद से कुछ ही मिनटों में यह जानकारी उसे उपलब्ध हो जाती है। शोध से पता चला है कि कंप्यूटर की मदद से किसी भी छात्र के सीखने के प्रदर्शन में काफी वृद्धि हुई है। आजकल घर बैठे ऑनलाइन क्लासेज की मदद से पढ़ाई की जा सकती है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा – यह स्वास्थ्य और चिकित्सा के लिए वरदान है। इसकी मदद से आजकल मरीजों का इलाज बड़ी आसानी से हो जाता है। आजकल सब कुछ डिजिटल हो गया है। जिससे बीमारी का आसानी से पता चल जाता है और उसी के अनुसार उसका इलाज भी संभव है। इससे ऑपरेशन भी आसान हो गया है।

विज्ञान के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग- यह विज्ञान की देन है। इससे शोध बहुत आसान हो जाता है। आजकल एक नया चलन चल रहा है जिसे Collaboratory भी कहा जाता है, ताकि दुनिया के सभी वैज्ञानिक एक साथ काम कर सकें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप देश में किस देश से हैं।

व्यवसाय के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग –  उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए व्यवसाय में इसका बहुत बड़ा हाथ है। यह मुख्य रूप से मार्केटिंग, रिटेलिंग, बैंकिंग, स्टॉक ट्रेडिंग में उपयोग किया जाता है। यहां सभी चीजें डिजिटल होने के कारण इसकी प्रोसेसिंग बहुत तेज हो गई है। और आजकल कैशलेस ट्रांजेक्शन को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।

मनोरंजन के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग –  यह मनोरंजन का एक नया अड्डा बन गया है, आप फिल्मों, खेल या रेस्तरां जैसी किसी भी चीज़ की बात करें, इनका उपयोग हर जगह किया जाता है।

सरकार के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग – आजकल सरकार भी इनके इस्तेमाल पर ज्यादा ध्यान दे रही है. ट्रैफिक, टूरिज्म, इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग, एजुकेशन, एविएशन की बात करें तो हर जगह इनके इस्तेमाल से हमारा काम बहुत आसान हो गया है।

डिफेंस के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग – सेना में भी इनका प्रयोग काफी हद तक बढ़ गया है। जिसकी मदद से अब हमारी सेना और ताकतवर हो गई है। क्योंकि आजकल सब कुछ कंप्यूटर की मदद से नियंत्रित होता है।

ऐसी कई जगह हैं जहां हम अपनी जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल करते हैं।

कंप्यूटर के लाभ

वैसे यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि कंप्यूटर ने अपनी अविश्वसनीय गति, सटीकता और भंडारण की मदद से हम इंसानों के जीवन को बहुत आसान बना दिया है।

इससे लोग जब चाहें कुछ भी सेव कर सकते हैं और आसानी से कुछ भी सर्च कर सकते हैं। हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर एक बहुत ही बहुमुखी मशीन है क्योंकि यह अपना काम करने में बहुत लचीला है।

लेकिन इसके बावजूद हम यह भी कह सकते हैं कि कंप्यूटर एक बहुत ही बहुमुखी मशीन है क्योंकि यह अपना काम करने में बहुत लचीला है, जबकि इन मशीनों के कुछ महत्वपूर्ण फायदे और नुकसान भी हैं।

आइए जानते हैं उनके बारे में।

1. मल्टीटास्किंग

मल्टीटास्किंग कंप्यूटर का एक बड़ा फायदा है। इसमें एक व्यक्ति आसानी से मल्टीपल टास्क, मल्टीपल ऑपरेशन, संख्यात्मक समस्याओं की गणना कर सकता है, वह भी कुछ ही सेकंड में। कंप्यूटर प्रति सेकंड खरबों निर्देशों की गणना आसानी से कर सकता है।

2. स्पीड

अब यह केवल गणना करने वाला उपकरण नहीं रह गया है। अब यह हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

इसका बड़ा फायदा इसकी उच्च गति है, जो इसे किसी भी कार्य को पूरा करने में मदद करती है, वह भी बहुत कम समय में। इसमें लगभग सभी ऑपरेशन तुरंत किए जा सकते हैं, नहीं तो उन्हें करने में काफी समय लग जाता।

3. लागत / स्टोर करती हैं बड़ी मात्रा में डाटा

यह कम लागत वाला समाधान है। क्योंकि इसमें एक व्यक्ति कम बजट में बड़ी मात्रा में डेटा को सेव कर सकता है। एक केंद्रीकृत डेटाबेस का उपयोग करके, बहुत अधिक मात्रा में जानकारी संग्रहीत की जा सकती है, ताकि लागत काफी हद तक अर्जित की जा सके।

4. शुद्धता

ये कंप्यूटर अपनी गणना के बारे में बहुत सटीक होते हैं, इनमें गलती होने की संभावना न के बराबर होती है।

5. डेटा सुरक्षा

डिजिटल डेटा की सुरक्षा को डेटा सुरक्षा कहा जाता है। कंप्यूटर हमारे डिजिटल डेटा को अनधिकृत उपयोगकर्ताओं जैसे साइबर हमले या एक्सेस अटैक से बचाता है।

कंप्यूटर के नुकसान

आइए अब जानते हैं कंप्यूटर के कुछ नुकसानों के बारे में।

1. वायरस और हैकिंग अटैक

वायरस एक डेसट्रक्टिव प्रोग्राम है और हैकिंग को उस अनधिकृत पहुंच कहा जाता है जिसमें मालिक को आपके बारे में पता नहीं होता है।

ये वायरस ईमेल अटैचमेंट के जरिए आसानी से फैल सकते हैं, कभी-कभी यूएसबी से भी, या किसी भी संक्रमित वेबसाइट से आपके कंप्यूटर तक पहुँचाया जा सकता है।

जब एक बार यह आपके कंप्यूटर तक पहुंच जाता है तो आपके कंप्यूटर को बर्बाद कर देता है।

2. ऑनलाइन साइबर अपराध

इन ऑनलाइन साइबर अपराधों को करने के लिए कंप्यूटर और नेटवर्क का उपयोग किया जाता है। जबकि साइबर स्टॉकिंग और पहचान की चोरी भी इन ऑनलाइन साइबर अपराधों के अंतर्गत आते हैं।

3. रोजगार के अवसरों की कमी

चूंकि कंप्यूटर एक साथ कई कार्य करने में सक्षम है, इसलिए रोजगार के अवसरों का भारी नुकसान होता है।

तो, बैंकिंग क्षेत्र से लेकर किसी भी सरकारी क्षेत्र तक, आप देखते हैं कि सभी कंप्यूटरों को लोगों की तुलना में अधिक महत्व दिया जाता है। इसलिए बेरोजगारी बढ़ रही है।

अन्य नुकसानों की बात करें तो इसमें IQ नहीं है, यह पूरी तरह से यूजर्स पर निर्भर करता है, इसमें कोई भावना नहीं है, यह अपने आप कोई निर्णय नहीं ले सकता है।

कंप्यूटर का भविष्य

कंप्यूटर एक घातीय दर से विकसित हो रहे हैं। इसका कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता में प्रगति है। भविष्य में, कंप्यूटर हमें केवल जानकारी प्रदान करने और हमारी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखने के अलावा और भी बहुत कुछ करने में सक्षम होंगे। वे ऐसे कार्य करने में सक्षम होंगे जो वर्तमान में मनुष्यों द्वारा किए जाते हैं, जैसे कार चलाना या लेख लिखना।

कंप्यूटर के भविष्य में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। यह उपयोग करने के लिए अधिक आरामदायक और स्वाभाविक होगा। यह डेटा को बहुत तेजी से प्रोसेस करने में सक्षम होगा। आजकल वैज्ञानिक ऑप्टिकल कंप्यूटर, डीएनए कंप्यूटर, न्यूरल कंप्यूटर और क्वांटम कंप्यूटर पर अधिक शोध कर रहे हैं। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी काफी ध्यान दिया जा रहा है ताकि यह अपने आप अपना काम सुचारू रूप से कर सके।

कंप्यूटर क्या करता है?
एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता से इनपुट लेता है, निर्देशों के अनुसार उसे प्रोसेस करता है और अपने आउटपुट डिवाइस के माध्यम से उपयोगकर्ता को परिणाम दिखाता है।

कंप्यूटर के सभी कार्यों को कौन नियंत्रित करता है?
CPU कंप्यूटर के सभी भागों के कार्य को नियंत्रित करता है।

निष्कर्ष

आशा करते है की आपको यह जानकारी (कंप्यूटर क्या है | Computer Kya Hai In Hindi) अच्छी लगी होगी। अगर आपको यह जानकारी (कंप्यूटर क्या है | Computer Kya Hai In Hindi) अच्छी लगी है तो इस अपने दोस्तों व सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करे।

Thank You For Reading – कंप्यूटर क्या है | Computer Kya Hai In Hindi

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