Garuda Purana | Garud Puran

Garud Puran: गरुड़ पुराण में मनुष्य के जन्म से लेकर उसकी मृत्यु तक की बातों का वर्णन है। ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति के कर्म ही उसके अगले जन्म का निर्धारण करते हैं।

गरुड़ पुराण (Garud Puran) वैष्णव संप्रदाय का एक महत्वपूर्ण महापुराण है। गरुण पुराण (Garud Puran) में व्यक्ति के कर्मों और पाप और पुण्य की बातों का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। गरुड़ पुराण (Garud Puran) के अनुसार व्यक्ति द्वारा जीवन में किए गए कर्मों के आधार पर उसकी मृत्यु के बाद उसे स्वर्ग और नरक की प्राप्ति होती है। वहीं गरुड़ पुराण (Garud Puran) में भी मनुष्य के अगले जन्म से जुड़ी बातों का उल्लेख मिलता है। ऐसा माना जाता है कि मनुष्य के कर्म ही उसके अगले जन्म का निर्धारण करते है। तो आइए जानते हैं गरुड़ पुराण (Garud Puran) में अगले जन्म से जुड़े किन खास रहस्यों का जिक्र किया गया है।

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गरुड़ पुराण (Garud Puran) के अनुसार, जो लोग अपने माता-पिता या बच्चों को दुखी करते हैं, वे अगले जन्म में पृथ्वी पर पैदा होने से पहले गर्भ में ही मर जाते हैं।

ऐसा माना जाता है कि जो लोग महिलाओं का शोषण करवाते या शोषण करते हैं, उन्हें अगले जन्म में भयानक बीमारियों का शिकार होना पड़ता है। इसके अलावा जिस व्यक्ति का किसी अन्य स्त्री से संबंध होता है वह अगले जन्म में नपुंसक हो जाता है।

गरुण पुराण के अनुसार,किसी की हत्या करके पेट पालने वाले, लूटपाट करने या पशुओं का शिकार करने वाला व्यक्ति अगले जन्म में एक कसाई के हत्थे चढ़ने वाले बकरी का रूप मिलता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति किसी स्त्री की हत्या करता है या गर्भपात करवाता है, वह नरक की पीड़ा भोगकर चांडाल योनि में जन्म लेता है।

शास्त्रों के अनुसार गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है। ऐसे में जो व्यक्ति अपने गुरु का अपमान करता है उसे नर्क में स्थान मिलता है और अगले जन्म में वह जल के बिना ब्रह्मराक्षस के रूप में जन्म लेता है।

गरुड़ पुराण के अनुसार धोखाधड़ी या छल-कपट करने वाले मनुष्य अगले जन्म में उल्लू और किसी की झूठी गवाही देने वाले व्यक्ति को अगले जन्म में अंधेपन का शिकार होना पड़ता है।

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