गरुड़ पुराण: जीवन में ये कार्य ला सकते हैं संकट, वक्त रहते दूरी बना लेना बेहतर

Garuda Purana: गरुड़ पुराण जीवन को बेहतर तरीके से जीने की नीतियों के बारे में बताता है। इसके अनुसार हमें समय रहते कुछ काम से दूरी बना लेनी चाहिए।

Garuda Purana: भारतीय धर्मग्रंथों में जीवन के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। गरुड़ पुराण की बात करें तो जीवन को बेहतर तरीके से जीने की सभी नीतियों के बारे में बताया गया है।

गरुड़ पुराण के आचारकांड के अनुसार, हमारे लिए कुछ काम करना मना है। ऐसा न करने पर हमारी जान को खतरा हो सकता है। इसलिए हमें समय रहते इन कार्यों से दूर हो जाना चाहिए, नहीं तो हमें इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

शमसान घाट पर ज्यादा देर न रुकें

जब भी आप किसी के दाह संस्कार में शामिल होने जाएं तो वहां से जल्दी निकलने की कोशिश करें। इसका कारण यह है कि मरने के बाद मृत शरीर में कई तरह के बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। दाह संस्कार के समय ये बैक्टीरिया हवा में उड़कर आपके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। श्मशान घाट में एक नहीं बल्कि कई चिताएं जलती रहती हैं। तो कुछ देर बाद आप वहां से निकल लें।

देर रात तक दही का सेवन ना करें

दही खाना हमारी डाइट का अहम हिस्सा है। हालांकि इसे खाने का एक निश्चित समय होता है। अगर आप रात में दही का सेवन करते हैं तो आप बीमार हो सकते हैं। इसका कारण यह है कि दही की प्रकृति ठंडी मानी जाती है। वहीं रात में मौसम भी ठंडा हो जाता है। अगर रात में दही का सेवन करते है तो शरीर इसे आसानी से पचा नहीं पाता है। जिससे व्यक्ति बीमार हो सकता है।

सूरज उगने से पहले उठना जरूरी

गरुड़ पुराण के अनुसार प्रतिदिन सूर्योदय से पहले उठना बहुत जरूरी है। ऐसा करने से आपके शरीर को ताजी सांस मिलती है। जिससे आपके फेफड़े फिट रहते हैं। यह आपके पाचन तंत्र और फिटनेस को भी प्रभावित करता है।

रखा हुआ मांस न खाएं

अगर आप मांसाहारी हैं तो कभी भी रखे हुए मांस का प्रयोग न करें। रखे मीट पर कई तरह के खतरनाक बैक्टीरिया पनपते हैं। कई बार मांस पकाने के बाद भी उन बैक्टीरिया से छुटकारा नहीं मिल पाता है। ऐसे में अगर आप इनका सेवन करते हैं तो आपका शरीर बीमारियों का शिकार हो सकता है।

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