Garuda Purana | Garud Puran

Garuda Purana: मनुष्य को मृत्यु के बाद कर्मों के आधार पर स्वर्ग और नर्क की प्राप्ति होती है। गरुड़ पुराण में भी कहा गया है कि कर्म के आधार पर व्यक्ति अगले जन्म में किसी न किसी रूप में जन्म लेता है।

Garuda Purana: गीता में कहा गया है कि आत्मा अमर है। जिस प्रकार मनुष्य अपने वस्त्र बदलता है, उसी प्रकार आत्मा भी शरीर बदलती है। गरुड़ पुराण में मनुष्य के कर्मों का लेखा-जोखा बताया गया है, जिससे मनुष्य के पापों और पुण्य का निर्धारण होता है। ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति अपने कर्मों के आधार पर मृत्यु के बाद स्वर्ग और नरक को प्राप्त करता है। गरुड़ पुराण में भी कहा गया है कि कर्म के आधार पर व्यक्ति अगले जन्म में किसी न किसी रूप में जन्म लेता है। आइए जानते है क्या कहता है गरुड़ पुराण –

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Garuda Purana
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ऐसे तय होता है अगला जन्म

महिलाओं का शोषण करने वाला

जो लोग महिलाओं का शोषण करते हैं या कराते हैं, वे अगले जन्म में भयानक बीमारियों से पीड़ित होते हैं। वहीं अप्राकृतिक रूप से संबंध बनाने वाला अगले जन्म में नपुंसक होता है। गुरु की पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करने वाला कुष्ठ रोगी होता है।

धोखा देने वाला

गरुड़ पुराण में कहा गया है कि जो छल, कपट और धोखा देते हैं, वे अगले जन्म में उल्लू बन जाते हैं। वहीं, झूठी गवाही देने वाला दूसरे जन्म में अंधा पैदा होता है।

हिंसक

गरुड़ पुराण के अनुसार हिंसा करके जो व्यक्ति परिवार का पालन-पोषण करते हैं। जैसे लूटपाट, जानवरों को सताना या शिकार खेलने वाले अगले जन्म में किसी कसाई के हाथो चढ़ने वाला बकरा बनते हैं।

परिवार को प्रताड़ित करने वाला

माता-पिता या भाई-बहनों को परेशान करने वाले को अगला जन्म मिलता है लेकिन वह धरती पर नहीं आ पाता क्योंकि वह गर्भ में ही मर जाता है।

गुरु का अपमान करने वाला

गुरु का अपमान करने का अर्थ है ईश्वर का अपमान। ऐसा करना नर्क के द्वार खोलने के समान है। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि गुरु के साथ दुर्व्यवहार करने वाला शिष्य अगले जन्म में निर्जल वन में ब्रह्मराक्षस बन जाता है।

महिलाओं जैसा पुरुष का व्यवहार

यदि कोई पुरुष स्त्री की तरह व्यवहार करे, स्वभाव में स्त्री की आदतों को लाए, तो ऐसा पुरुष अगले जन्म में स्त्री का रूप प्राप्त करता है।

मृत्यु के समय भगवान का नाम

यदि कोई मृत्यु के समय भगवान का नाम लेता है, तो वह मुक्ति के मार्ग पर चलता है। इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि मरते समय राम का नाम लेना चाहिए।

हत्या करने वाला

स्त्री हत्या, गर्भपात करने या कराने वाला भिल्ल रोगी, गाय की हत्या करने वाला मूर्ख और कुबड़ा, ये दोनों अगले जन्म में चांडाल योनि में नरक की यातनाओं को झेलकर पैदा होते हैं।

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