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Hanuman Chalisa Lyrics and Benefits: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से दूर होती हैं ऐसी 5 समस्याए

Hanuman Chalisa Lyrics and Benefits: कलियुग में, भगवान श्री राम भक्त हनुमान एक ऐसे वास्तविक और जागृत भगवान हैं। जो थोड़ी सी पूजा से प्रसन्न होकर अपने भक्तों के कष्टों को जल्दी दूर कर देते हैं। हनुमान जी की पूजा करने से सुख, शांति, स्वास्थ्य और लाभ मिलता है। नकारात्मक शक्तियां भी हनुमानजी के भक्तों को परेशान नहीं करती हैं। हनुमानजी की महिमा और भक्त के परोपकारी स्वभाव को देखकर, तुलसीदासजी ने हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा की रचना की। इस चालीसा को नियमित रूप से या मंगलवार, शनिवार को पढ़ने के कई चमत्कारी फायदे हैं। मंगल, शनि और पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए भी हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी होता है।

हनुमान चालीसा | Hanuman Chalisa

दोहा

श्रीगुरु चरन सरोज रज निजमनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

चौपाई

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महावीर विक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।
कंचन वरन विराज सुवेसा।
कानन कुण्डल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै।
शंकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग वन्दन।।

विद्यावान गुणी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
विकट रूप धरि लंक जरावा।।
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीशा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते।।
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र विभीषन माना।
लंकेश्वर भये सब जग जाना।।
जुग सहस्र योजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डरना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिनके काज सकल तुम साजा।
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।।

चारों युग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।
साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस वर दीन जानकी माता।।
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को भावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
अन्त काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेई सर्व सुख करई।।
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहिं बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा।।

दोहा 

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

आर्थिक परेशानी होती है दूर

हनुमान चालीसा में हनुमान जी को अष्टसिद्धि और नवनिधि का दाता बताया गया है। जो भक्त नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। हनुमानजी उनकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। चाहे वह धन संबंधी ही क्यों न हो। यदि आप कभी भी आर्थिक संकट का सामना करते हैं। तो अपने मन में हनुमान जी का ध्यान करके हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करना शुरू करें। आपकी आर्थिक चिंताएं ऐसा करने से धीरे-धीरे दूर हो जाएंगी। हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करते वक्त पवित्रता का ख्याल रखना बहुत आवश्यक है।

नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा

हनुमान जी को बहुत ही निडर और शक्तिशाली माना जाता है। राम के भक्त भगवान हनुमान बुरी आत्माओं का नाश करते हैं। और लोगों को उनसे मुक्त करते हैं। हनुमान चालीसा की एक चौपाई है ‘भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे। इस दोहे से बताया गया है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करता है। उसके आसपास भूत, राक्षस और अन्य नकारात्मक शक्तियां नहीं रहती हैं। जिन लोगों को रात में डर लगता है या डरावने सपने आते रहते हैं। उन्हें रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

रोग हो जाते हैं दूर

हनुमान जी परम पराक्रमी और महावीर हैं। यह बात रामचरित मानस से लेकर हनुमान चालीसा में कही गई है। हनुमान चालीसा में भी लिखा है, नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा। इनका ध्यान करने से शरीर स्वस्थ और बलवान बनता है। जो लोग अक्सर बीमार रहते हैं या जिनकी बीमारी काफी इलाज के बाद भी दूर नहीं होती है। हनुमान चालीसा का पाठ हमेशा नियमित रूप से करना चाहिए।

बुद्धि और चतुराई प्राप्त करने के लिए

‘विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।।’ हनुमान चालीसा की इस चौपाई से स्पष्ट है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने वालों में भी हनुमान जी इस गुण को भर देते हैं। हनुमान जी की कृपा पाने के लिए स्टूडेंट्स को नियमित रूप से हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने को कहा जाता है। स्टूडेंट्स
जीवन में हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। और शिक्षा के फील्ड में कामयाबी प्राप्त होती है।

शनि के अशुभ प्रभाव और साढ़े साती से बचने के लिए

एक बार शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो भी हनुमान जी की पूजा करेगा, शनि देव उसे कभी कष्ट नहीं देंगे। इसलिए शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के बुरे प्रभाव से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी होता है।

(Hanuman Chalisa Lyrics) (Hanuman Chalisa Lyrics In Hindi)

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