Global Statistics

All countries
240,188,856
Confirmed
Updated on October 14, 2021 23:59
All countries
215,765,598
Recovered
Updated on October 14, 2021 23:59
All countries
4,893,161
Deaths
Updated on October 14, 2021 23:59

Global Statistics

All countries
240,188,856
Confirmed
Updated on October 14, 2021 23:59
All countries
215,765,598
Recovered
Updated on October 14, 2021 23:59
All countries
4,893,161
Deaths
Updated on October 14, 2021 23:59

हरतालिका तीज व्रत 2021: कब है हरतालिका तीज व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

Hartalika Teej Kab Hai 2021: सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। अखंड सौभाग्य और अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बनाने के लिए इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं। महिलाएं इस व्रत में माता गौरी से सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद लेती हैं। दरअसल हरतालिका तीज व्रत निर्जल रखा जाता है। इसी वजह से यह व्रत कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। वहीं हरतालिका तीज (Hartalika Teej) व्रत कुंवारी कन्याएं भी रखती हैं। सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए उनके द्वारा यह व्रत रखा जाता है। मायके से महिलाओं के लिए हरतालिका तीज व्रत के लिए श्रृंगार का समान, मिठाई, फल और कपड़े भेजे जाते हैं। हिन्दू पंचांग के मुताबिक भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हर साल हरतालिका तीज व्रत रखा जाता है। यह व्रत इस साल 9 सितंबर गुरुवार को रखा जाएगा। चलिए जातने हैं हरतालिका तीज (Hartalika Teej) व्रत शुभ मुहूर्त, व्रत विधि व कथा के बारे में।

हरतालिका तीज मुहूर्त

तृतीया तिथि शुरू – 8 सितंबर 2021 दिन बुधवार को तड़के 3:59 से
तृतीया तिथि समापन – 9 सितंबर 2021 गुरुवार की रात्रि 2 बजकर 14 मिनट तक
शुभ मुहूर्त प्रातःकाल – दिन गुरुवार 9 सितंबर 2021 सुबह 06:03 मिनट से सुबह 08:33 मिनट
प्रदोष काल (Pradosh Kaal) पूजा का शुभ मुहूर्त – 9 सितंबर 2021 गुरुवार को शाम को 06:33 मिनट से रात 08:51 मिनट तक

हरतालिका तीज पूजा विधि

  • प्रातः उठकर स्नानादि कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • अब प्रतिमा गणेश, शिव जी व माता पार्वती की बालू रेत से बनाएं।
  • अष्टदल कमल की आकृति एक चौकी पर अक्षत से बनाएं।
  • एक कलश में जल भर सुपारी, अक्षत व सिक्के डालें।
  • अष्टदल कमल की आकृति पर कलश (Kalash) स्थापित करें।
  • आम के पत्ते कलश के ऊपर लगाए व नारियल रखें।
  • चौकी पर पान के पत्तों पर अक्षत रखें।
  • माँ पार्वती, गणेश जी व भगवान शिव को तिलक लगाएं।
  • घी का दीपक प्रज्जवलित करे व धूप जलाएं।
  • उसके पश्चात भगवान शिव को उनके प्रिय बेलपत्र धतूरा भांग शमी के पत्ते इत्यादि अर्पित करें।
  • फूल माला माँ पार्वती को चढ़ाएं व दूर्वा गणेश जी को अर्पित करें।
  • माँ पार्वती, भगवान गणेश को पीले चावल व सफेद चावल शिव जी को अर्पित करें
  • शृंगार का सामान पार्वती जी को भी जरूर अर्पित करें।
  • जनेऊ गणेश व भोलेनाथ को अर्पित करें। और कलावा (मौली) देवताओं को चढ़ाएं।
  • हरितालिका तीज की कथा सुनें।
  • पूरी पूजा विधिवत् कर लेने के पश्चात आखिरी मिष्ठान इत्यादि का भोग लगाएं व आरती करें।

चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि

तीज पर संध्या को पूजा के पश्चात चंद्रमा को अर्ध्य दिया जाता है। फिर रोली, अक्षत और मौलीचंद्रमा को भी अर्पित करें। हाथ में चांदी की अंगूठी और गेंहू के दानों को लेकर अर्ध्य देते हुए अपनी जगह पर खड़े होकर परिक्रमा करें।

हरतालिका तीज व्रत कथा 2021 

हरतालिका दो शब्दों से मिलकर बना है हरत और आलिका, हरत का मतलब होता है अपहरण और आलिका अर्थात् सहेली। एक पौराणिक कथा इस संबंध में मिलती है। जिसके मुताबिक पार्वती जी का अपहरण करके उनकी सखियां उन्हें जंगल में ले गई थी। ताकि उनके पिता पार्वती जी का विवाह इच्छा के विरुद्ध भगवान विष्णु से नहीं कर दें। पार्वती जी ने अपनी सखियों की सलाह से भगवान शिव की घने वन में एक गुफा में अराधना की। पार्वती जी ने भाद्रपद तृतीया शुक्ल के दिन हस्त नक्षत्र में मिट्टी से शिवलिंग बनाकर विधिवत पूजा की साथ ही रातभर जागरण किया। भगवान शिव ने पार्वती जी के तप से खुश होकर पत्नी के रूप में माँ पार्वती को स्वीकार कर लिया था।

BHAGYMT ON OTHER PLATFORM

Join Our Telegram Channel – https://t.me/bhagymat

Follow On Koo – https://www.kooapp.com/profile/bhagymat

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

RECENT UPDATED