असम के मुख्यमंत्री पद की आज भाजपा नेता हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने शपथ ली। सोमवार को दिन में 12 बजे श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में राज्यपाल जगदीश मुखी ने हिमंत बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई। हिमंत बिस्व सरमा के अलावा अन्य मंत्री भी शपथ ले रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता भी  शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोरोना पर नियंत्रण पाना है। संक्रमण के मामले प्रदेश में तेजी से पैर पसार रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को इसे नियंत्रित करना होगा। हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने 2014 में तरुण गोगोई से मतभेद होने के बाद कांग्रेस छोड़ दी थी।

हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने शपथ ग्रहण से पहले भगवती का आशीर्वाद लिया। कामाख्या मंदिर और डोल गोविंद मंदिर पहुंचकर हिमंत बिस्वा सरमा ने पूजा अर्चना की।

सरमा का नाम पेश करने वाले सोनोवाल ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (नेडा) (North East Democratic Alliance (NEDA)) के संयोजक सरमा मेरे लिये छोटे भाई के समान हैं। इस नई यात्रा के लिए  मैं उन्हें  शुभकामनाएं देता हूं। हिमंत बिस्व सरमा ने कहा पूर्ववर्ती सर्वानंद सोनोवाल ‘मार्गदर्शक’ बने रहेंगे।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हिमंत बिस्व सरमा ने सर्वसम्मति से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, सोनोवाल व गृहमंत्री अमित शाह और अन्य पार्टी नेताओं के आभारी हैं। जिन्होंने उन्हें राज्य के लोगों की सेवा करने का अवसर दिया। जलुकबाड़ी सीट से सरमा लगातार पांचवीं बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।

असम में राजग को 75 सीटें मिली

सत्तारूढ़ गठबंधन को असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में 75 सीटें मिली। भाजपा को 60 सीटें जबकि गठबंधन साझेदार असम गण परिषद (एजीपी) व यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) को 9 और 6 सीटें मिली।

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