kasganj News: पिछले तीन दिनों से कासगंज जिले में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नदी में अभी और उफान आने की संभावना है। 3.87 लाख क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़े जाने से बांधों का डिस्चार्ज बढ़ गया है। गंगा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को सिंचाई विभाग ने अलर्ट किया है।

kasganj News: शुक्रवार को गंगा नदी में कछला पुल पर जलस्तर 161.60 मीटर के निशान पर था। यह जलस्तर 24 घंटे में बढ़कर 161.90 मीटर के निशान पर आ गया। शुक्रवार को नरौरा बैराज से करीब 7 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। जो शुक्रवार को बढ़कर 13850 क्यूसेक पर पहुंच गया। जलस्तर में अभी और वृद्धि होने की आशंका है।

 3.87 लाख क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया 

हरिद्वार से छोड़ा गया 3.87 लाख क्यूसेक पानी बिजनौर तक पहुंच चूका हैं। करीब 2 लाख क्यूसेक पानी का बिजनौर से नरौरा की ओर डिस्चार्ज है। हालांकि गंगा का फाटा सूखा होने की वजह से अभी यह पानी गंगा के फाटे को ही भर पाएगा। क्योंकि गंगा का फाटा हरिद्वार से बिजनौर तक सकरा है।

गंगा का फाटा बिजनौर से नरौरा तक कुछ और बढ़ जाता है। पर गंगा का फाटा नरौरा से कछला तक काफी चौड़ा है। जिसकी वजह से यह गंगा के पानी लबालब कर देगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार गंगा में उफान तो आएगा पर गांव तक पानी की दस्तक नहीं हो पाएगी।

बढ़ा हुआ डिस्चार्ज पास हो जाएगा। पर इस जिले में पटियाली के कादरगंज में गंगा की धारा कछला के मुकाबले नीची है। जिस वजह से इस इलाके में पानी के तटवर्ती गांव तक दस्तक देने या कच्चे बांधों को क्षति पहुंचने की आशंका बनी हुई है। गंगा के बढ़ते पानी को देखकर सिंचाई विभाग ने अलर्ट कर दिया है।

शनिवार को छोड़ा गया पानी 

हरिद्वार- 387544 क्यूसेक।
बिजनौर- 199778 क्यूसेक।
नरौरा- 13850 क्यूसेक।
कछला पुल- 161.90 के निशान पर।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरूण कुमार ने जानकरी दी की पहाड़ों पर बारिश की वजह से पानी का दबाव बढ़ने के कारण गंगा नदी में 3.87 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हरिद्वार से हुआ है। सतर्कता अधिक डिस्चार्ज होने के कारण बरती जा रही है। अलर्ट किया गया है पर गंगा के फाटे में ही यह पानी आ जाएगा। जलस्तर में आगामी समय में और वृद्धि होगी। लोग सतर्क रहें।

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