Global Statistics

All countries
226,929,855
Confirmed
Updated on September 15, 2021 22:51
All countries
201,969,768
Recovered
Updated on September 15, 2021 22:51
All countries
4,667,405
Deaths
Updated on September 15, 2021 22:51

Global Statistics

All countries
226,929,855
Confirmed
Updated on September 15, 2021 22:51
All countries
201,969,768
Recovered
Updated on September 15, 2021 22:51
All countries
4,667,405
Deaths
Updated on September 15, 2021 22:51

महालक्ष्मी व्रत 2021: आज से शुरू होगा महालक्ष्मी व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

Mahalakshmi Vrat 2021: महा लक्ष्मी व्रत 2021: महालक्ष्मी व्रत मंगलवार, 14 सितंबर 2021 से शुरू हो रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल महालक्ष्मी व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होता है। महालक्ष्मी व्रत लगातार 16 दिनों तक मनाया जाता है। महालक्ष्मी व्रत गणेश चतुर्थी के चार दिन बाद शुरू होता है। यह व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को समाप्त होगा। मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। क्योंकि इस व्रत में धन, सुख-समृद्धि की देवी महालक्ष्मी की प्रसन्नता होने पर आशीर्वाद प्राप्त होता है। खास बात यह है कि इसी तिथि को राधा अष्टमी भी मनाई जाती है। जिससे महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत इस दिन से बहुत ही महत्वपूर्ण और शुभ हो जाती है। इसके अलावा इस तिथि को दूर्वा अष्टमी भी है। जिसमें दूर्वा घास की पूजा की जाती है। महालक्ष्मी व्रत रखने से घर में सुख, समृद्धि और समृद्धि आती है। यह व्रत 16 दिनों तक चलता है। अधिकांश विवाहित महिलाएं 16 दिनों तक उपवास रखती हैं। अगर महिलाएं इसे 16 दिन तक नहीं रख पाती हैं। तो वे तीन या तीन दिन का उपवास रखती हैं।

महालक्ष्मी व्रत शुभ मुहूर्त 2021 / Mahalakshmi Vrat

अष्टमी तिथि (Ashtami Tithi) आरम्भ – 13 सितंबर, 2021 दोपहर 03:10 बजे
अष्टमी तिथि (Ashtami Tithi) समापन – 14 सितंबर 2021 दोपहर 01:09 बजे तक

महालक्ष्मी व्रत पूजा विधि:  महा लक्ष्मी व्रत 2021 पूजन विधि

महालक्ष्मी के पहले दिन पूजा स्थल पर हल्दी से कमल बना लें और उस पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें और मूर्ति के सामने श्री यंत्र, सोने-चांदी के सिक्के और फल-फूल रखें। इसके बाद मंत्र सहित कुमकुम, चावल और फूल चढ़ाकर देवी लक्ष्मी के आठ रूपों की पूजा करें।

महालक्ष्मी व्रत में हाथी पर विराजमान देवी लक्ष्मी की मूर्ति को लाल कपड़े से विधि-विधान से स्थापित करें और पूजा-पाठ करें।

महालक्ष्मी व्रत के दिन श्री यंत्र या महालक्ष्मी यंत्र को मां लक्ष्मी के सामने रखें और उसकी पूजा करें। धन वृद्धि के लिए यह चमत्कारी यंत्र बहुत उपयोगी माना जाता है। इस यंत्र की पूजा करने से कष्ट और दरिद्रता दूर होती है।

गंगाजल दक्षिणावर्ती शंख में व दूध डालकर लक्ष्मी की मूर्ति से अभिषेक करने से लक्ष्मी की कृपा मिलती है।

कमल का फूल माता लक्ष्मी को बहुत प्रिय है। इसलिए लक्ष्मीजी की पूजा में इस फूल को जरूर चढ़ाना चाहिए।

महालक्ष्मी व्रत के दिन माता लक्ष्मी को कमल की माला चढ़ाएं और पूजा में एक रुपया चढ़ाएं। पूजा के बाद इन दोनों चीजों को अपनी तिजोरी या तिजोरी में रख लें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

RECENT UPDATED

%d bloggers like this: