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महाशिवरात्रि उपाय 2022: भोलेनाथ को चढ़ाएं ये पत्ते, धन लाभ के साथ-साथ सभी कष्ट होंगे दूर

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Mahashivratri Upay 2022: हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है। शास्त्रों के एक श्लोक के मुताबिक ‘वेदः शिवः,शिवः वेदः’ अर्थात वेद ही शिव हैं व शिव ही वेद हैं। कहा गया है, ”रुतम -दुःखम द्रावयति-नाशयतीति रुद्रः’ अर्थात भगवान आशुतोष सभी दुखों का नाश करते हैं। भक्त शिव को रिझाने के लिए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक करने के साथ-साथ पंचामृत से महादेव का अभिषेक कर बिल्वपत्र, बेर, गाजर, सोंगरी चढ़ाकर व पंचोपचार पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि कुछ पत्ते ऐसे भी हैं जिन्हें महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ को चढ़ाकर मनचाही कामना को पूर्ण कर सकते हैं।

Mahashivratri Upay –

मन के विकारों के लिए

बेलपत्र के बाद शिव (Shiv) का दूसरा सबसे प्रिय पत्ता भांग का है। शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से हमारे मन के विकार और दोष दूर होते हैं। भांग एक औषधि है, ऐसा माना जाता है कि जब शिव ने विष का पान किया था, तब देवताओं ने विष का उपचार करने के लिए शिव को भांग के पत्ते चढ़ाए थे।

शनि दोष से मुक्ति

आमतौर पर शमी के पत्ते केवल शनि देव को ही चढ़ाए जाते हैं। लेकिन ये पत्ते शिवलिंग पर भी चढ़ाए जाते हैं। रोज सुबह शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं और उसके बाद बिल्व के साथ शमी के पत्ते भी चढ़ाएं। ऐसा करने से भोलेनाथ के साथ-साथ शनि देव की भी कृपा बनी रहेगी।

अकाल मृत्यु से बचाव

दुर्वा यानी घास का महत्व शास्त्रों में बताया गया है। मान्यता है कि इसमें अमृत का वास होता है। दूर्वा भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश को बहुत प्रिय हैं। भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है।

धन लाभ के लिए

भगवान शिव को आम के पत्ते चढ़ाने से वह अपने भक्तों के दुर्भाग्य को दूर करते हैं, साथ ही धन और लाभ की संभावनाएं भी पैदा करते हैं। जीवन में सुख और सौभाग्य का आगमन होता है।

मन के विकार दूर होंगे

धतूरे के फल और पत्ते का उपयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है। शिव पुराण में वर्णित है कि धतूरा शिव को बहुत प्रिय है। शिवलिंग पर इन पत्तों को चढ़ाने से भक्त के सभी बुरे विचार नष्ट हो जाते हैं और सोच सकारात्मक आ जाती है।

ग्रह दोष

शास्त्रों में बताया गया है कि पीपल पर त्रिदेव का वास होता है। पीपल के पत्तों पर भगवान शिव का वास होता है। भगवान शिव को पीपल के पत्ते चढ़ाने से ग्रहों के दोष दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

कष्ट दूर होंगे

आक का फूल और पत्ता दोनों ही भगवान भोलेनाथ को बहुत प्रिय हैं। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त भगवान शिव को आक के फूल और पत्ते चढ़ाते हैं। भगवान शिव सभी प्रकार के दैहिक, दैविक और भौतिक कष्ट हर लेते हैं।

(Mahashivratri Upay)

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