मीन संक्रांति 2022: इस दिन पड़ रही है मीन संक्रांति, जानिए शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Meen Sankranti Kab Hai 2022: मीन संक्रांति का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर महीने एक संक्रांति तिथि होती है। यानी पूरे साल में 12 महीने की तरह 12 संक्रांति होती है। मीन संक्रांति भी उन्हीं में से एक है। सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ हर महीने एक नई संक्रांति शुरू होती है। जब सूर्य देव राशि परिवर्तन करते हुए मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मीन संक्रांति के रूप में जाना जाता है। मीन संक्रांति (Meen Sankranti) को हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही मीन संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान व दान का विशेष महत्व बताया गया है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार, मीन संक्रांति फाल्गुन के महीने में आती है। इसलिए इसे वर्ष की अंतिम संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। इस बार मीन संक्रांति (Meen Sankranti) 15 मार्च को पड़ रही है। तो आइए आज जानते हैं मीन संक्रांति का धार्मिक महत्व और अन्य जानकारियां…

धार्मिक महत्व

मान्यताओं के अनुसार मीन संक्रांति बेहद खास होती है। मीन संक्रांति से सूर्य देव की गति उत्तरायण की ओर बढ़ने लगती है। उत्तरायण से दिन बड़ा और रात छोटी हो जाती है। कहा जाता है कि मीन संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से नकारात्मकता दूर होती है और पापों का नाश होता है। इसके साथ ही सुख-समृद्धि आती है।

शास्त्रों में मीन संक्रांति का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन को न केवल धार्मिक दृष्टि से पवित्र और शुभ माना जाता है, बल्कि व्यावहारिक रूप से अच्छा भी माना जाता है। उत्तरायण की शुरुआत मीन संक्रांति से होती है, जिसे देवताओं का समय कहा गया है। ऐसा माना जाता है कि इस समय देवता बहुत बलवान हो जाते हैं। कहा जाता है कि इस समय रातें छोटी होने के कारण अनिष्ट शक्तियां भी कम होती हैं और दिन में ऊर्जा प्राप्त होती है।

मीन संक्रांति कब है?

14 मार्च की रात को सूर्य देव 12:30 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही मीन संक्रांति शुरू हो जाएगी। मीन संक्रांति का महान पुण्य काल प्रातः 6.31 बजे से प्रातः 08.31 बजे तक रहेगा। वहीं पुण्यकाल सुबह 8.31 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक चलेगा।

इस दिन सूर्य की पूजा की जाती है

मान्यता है कि इस दिन सूर्य की पूजा की जाती है। ऐसा करने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन तिल, वस्त्र और अनाज का दान करना भी शुभ माना जाता है।

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