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पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे की कहानी, जिसके अंदर छिपा है अपार खजाना

Padmanabhaswamy Temple: रहस्यों की आज की श्रृंखला में हम भारत के सबसे रहस्यमय मंदिर पद्मनाभस्वामी (Padmanabhaswamy Temple) के बारे में बात करने जा रहे हैं। इस मंदिर के बारे में तो आपने सुना ही होगा। वर्ष 2011 में जब इसके 6 दरवाजे खोले गए तो इससे बेशुमार खजाना प्राप्त हुआ। हालांकि सातवें दरवाजे के खुलने को लेकर काफी विवाद हुआ था। इसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उस दौरान मामले में दखल दिया और सातवें दरवाजे के खुलने पर रोक लगा दी। कहा जाता है कि जब अंतिम 6 दरवाजे खोले गए तो खजाने की राशि निकली। इससे कहीं ज्यादा, सातवें दरवाजे के भीतर खजाना मौजूद है। मान्यताओं के अनुसार अगर पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे को खोल दिया जाए तो कई बुरी चीजें हो सकती हैं। इस कड़ी में आज हम आपको पद्मनाभस्वामी मंदिर के अंदर मौजूद सातवें दरवाजे के उस रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसके अंदर कहा जाता है कि एक बहुत बड़ा खजाना छिपा है।

भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर तिरुवनंतपुरम में स्थित है। इसे त्रावणकोर के राजाओं ने बनवाया था। उस समय त्रावणकोर के राजा भगवान विष्णु के बहुत बड़े भक्त हुआ करते थे। उसने अपनी संपत्ति और सब कुछ भगवान विष्णु को समर्पित कर दिया था। 1750 में महाराज मार्तेंड वर्मा ने खुद को भगवान का सेवक बताया था। कहा जाता है कि तभी से इस मंदिर की देखरेख शाही परिवार कर रहा है।

जब पद्मनाभस्वामी मंदिर के 6 कपाट खोले गए तो उस समय भारत सरकार को लगभग 1 लाख 32 हजार करोड़ का खजाना मिला था। वहीं, अब तक इस मंदिर के 7वें दरवाजे को नहीं खोला गया है। कहा जाता है कि यह द्वार शापित है और इसे किसी विशेष मंत्र से ही खोला जा सकता है।

सातवें दरवाजे को बोल्ट बी के नाम से भी जाना जाता है। इस पर सांप के आकार का चित्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि सप्तम द्वार खोल दिया जाए तो कई अशुभ घटनाएं घटेंगी। कहा जाता है कि एक बार एक व्यक्ति ने इस दरवाजे को खोलने की कोशिश की, लेकिन उसी समय एक जहरीले सांप ने काट लिया। बहुत से लोग मानते हैं कि सांप खजाने की रक्षा करते हैं। इस दरवाजे पर कोई ताला नहीं है।

मान्यताओं के अनुसार पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे को गरुण मंत्र का जाप करने के बाद ही खोला जा सकता है। यदि मन्त्र जपते समय पुजारी से कोई गलती हो जाती है तो उसकी उसी समय मृत्यु हो जाती है। केवल एक सिद्ध पुरुष ही इस द्वार को मंत्रों के जाप से खोल सकता है। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि मंदिर के सातवें दरवाजे के अंदर कितना खजाना छिपा है। इस वजह से पद्मनाभस्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा आज भी रहस्य का विषय बना हुआ है। अभी तक इसका राज सामने नहीं आया है।

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