Global Statistics

All countries
623,014,271
Confirmed
Updated on October 1, 2022 2:09 pm
All countries
601,335,724
Recovered
Updated on October 1, 2022 2:09 pm
All countries
6,549,445
Deaths
Updated on October 1, 2022 2:09 pm

Global Statistics

All countries
623,014,271
Confirmed
Updated on October 1, 2022 2:09 pm
All countries
601,335,724
Recovered
Updated on October 1, 2022 2:09 pm
All countries
6,549,445
Deaths
Updated on October 1, 2022 2:09 pm

Rakshabandhan Kab Hai 2022: रक्षा बंधन को लेकर इस बार क्यों है भ्रम की स्थिति? जानिए 10 कारण

- Advertisement -

Rakshabandhan Kab Hai 2022: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन का त्योहार सावन पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं। रक्षाबंधन के त्योहार को राखी के नाम से भी जाना जाता है। इस बार राखी के त्योहार को लेकर कुछ संशय पैदा हो गया है। दरअसल, रक्षाबंधन का पर्व सावन पूर्णिमा तिथि और भद्रा रहित काल में मनाने की प्रथा है। रक्षाबंधन के दिन भद्रा लगी हुई होती है। इसमें राखी बांधना अशुभ होता है। इसके अलावा सावन पूर्णिमा तिथि दो दिन यानी 11 और 12 अगस्त को है, जिससे राखी को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। पंडित और ज्योतिष के कुछ विद्वान 11 और कुछ 12 अगस्त को मनाने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल रक्षाबंधन की खास बातें और कब मनाएं रक्षाबंधन का पावन पर्व…

रक्षाबंधन 2022 की मुख्य बातें

1- इस बार रक्षाबंधन की तिथि दो दिन की होगी. पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को सुबह 10.38 बजे से शुरू होगी। पूर्णिमा तिथि 12 अगस्त को सुबह 7.05 बजे समाप्त होगी।

2- हिन्दू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का पावन पर्व सावन पूर्णिमा तिथि और सावन नक्षत्र में मनाया जाता है। ऐसे में 11 अगस्त को सुबह 6.53 बजे से श्रवण नक्षत्र शुरू होगा और पूर्णिमा तिथि 10.38 बजे से शुरू होगी।

3- इस बार रक्षाबंधन के दिन यानी 11 अगस्त 2022 को सुबह से ही भद्रा काल शुरू हो जाएगा जो शाम तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा और राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

4- 11 अगस्त को पूरे दिन भद्रा रहेगी। लेकिन अलग-अलग पंचांगों में भद्रा का समय अलग-अलग हो सकता है। कुछ पंचांगों में भद्रा सुबह 10.38 बजे से रात 08.50 बजे तक रहेगी।

5 – शास्त्रों में राहुकाल को भी अशुभ माना गया है। 11 अगस्त को दोपहर 01.41 बजे से 03.19 बजे तक राहुकाल रहेगा।

6- 11 अगस्त को भद्रा पुंछ का समय शाम 05.17 बजे से शाम 06.18 बजे तक रहेगा। वहीं, भद्रा मुख का समय शाम 06.18 बजे से रात 08.00 बजे तक है।

7-11 अगस्त को प्रदोष काल के दौरान रक्षासूत्र बांधा जा सकता है। इस दौरान प्रदोष काल भद्रा पुंछ शाम 05.18 बजे से शाम 06.18 बजे तक रहेगा। इसके अलावा 11 अगस्त को भद्रा की समाप्ति पर रात 08:52 बजे से रात 09.13 बजे के बीच राखी बांधी जा सकती है।

8- कुछ ज्योतिषियों और विद्वानों के अनुसार सूर्यास्त के बाद राखी नहीं बांधी जा सकती। ऐसे में 12 अगस्त को राखी का त्योहार मनाने की सलाह दे रहे हैं।

9- शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व केवल पूर्णिमा तिथि और श्रावण नक्षत्र को ही मनाया जाता है। ऐसे में पूर्णिमा तिथि 12 अगस्त की सुबह 07:05 बजे तक रहेगी। 12 अगस्त को पूर्णिमा तीन मुहूर्त न होने कारण मान्य नहीं होगी। जब भद्रा पृथ्वी लोक में निवास करती है तो वह अशुभ, कष्टदायक और बाधक होती है।

10- पंचांग गणना के अनुसार 11 अगस्त को पूर्णिमा तिथि के साथ भद्रा प्रारंभ होगी. पाताल लोक में भद्रा को अशुभ नहीं माना गया है। ऐसे में 11 अगस्त को रक्षाबंधन मनाना शुभ रहेगा। ऐसी ज्योतिष के जानकारों का मनाना है।

यह भी पढ़ें – Rakshabandhan Shubh Muhurat 2022: रक्षाबंधन के दिन भद्रा के कारण किस मुहूर्त में बांधे राखी, जानिए राखी बांधने का सही समय

यह भी पढ़ें – Rakshabandhan 2022: राखी बांधते समय इन नियमों का पालन करना है जरूरी, तभी मिलेगा शुभ फल

(Rakshabandhan Kab Hai)

Leave a Reply

spot_imgspot_img
spot_img

Latest Articles