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रूप चौदस के दिन करें ये उपाय, मां लक्ष्मी होगी प्रसन्न और जीवन में आएगी समृद्धि

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Roop Chaudas Ke Upay: रूप चौदस का पर्व दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। इस त्योहार को छोटी दिवाली, नरक चतुर्दशी, काली चौदस, रूप चतुर्दशी या नरका पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस बार रूप चौदस 24 अक्टूबर यानी दिवाली के दिन मनाई जाएगी। रूप चौदस के दिन संध्या के समय दीपक जलाए जाते हैं और चारों ओर रोशनी की जाती है। ऐसी मान्यता है कि जिस तरह से दिवाली की रात धन की देवी मां लक्ष्मी भूलोक पर आती हैं और साफ सफाई वाले घर में बस जाती हैं, ठीक उसी तरह रूप चौदस के दिन देवी लक्ष्मी की बहन अलक्ष्मी भूलोक आती हैं और जिस घर में साफ सफाई की कमी होती है, उसी घर में बस जाती हैं। रूप चौदस (Roop Chaudas) के पीछे यह भी मान्यता है कि इस दिन कुछ उपाय करने से लोग विभिन्न तरह की बीमारियों और परेशानियों से दूर रहते हैं। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में…

Roop Chaudas Ke Upay –

रूप चौदस वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में या सूर्योदय से पहले उठ कर और दिनचर्या से निवृत्त होकर हल्दी, चंदन, बेसन, शहद, केसर और दूध का उबटन करें, फिर स्नान करके पूजन करें। इस दिन तेल लगाकर अपामार्ग की पत्तियां जल में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है।

रूप चौदस पर लाल चंदन, गुलाब के फूल और रोली के पैकेट की पूजा करें, उन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें। इस उपाय को करने से धन की प्राप्ति होती है।

रूप चौदस या नरक चतुर्दशी के दिन भगवान वामन और राजा बलि का स्मरण करना चाहिए। साथ ही इनकी पूजा भी करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में मां लक्ष्मी स्थायी रूप में आ जाती है।

रूप चौदस या नरक चतुर्दशी के दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर 4 बत्तियों का दीपक जलाकर यमराज का ध्यान करते हुए पूर्व दिशा की ओर मुख करके दीपदान करना चाहिए। इससे उस घर में अकाल मृत्यु नहीं होती है।

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