रूसी (Russia) सरकार की वेबसाइटों को चीन के हैकर्स ने निशाना बनाया है। गोपनीय सरकारी डाटा चोरी करने के मकसद से रूसी सरकार की वेबसाइटों को निशाना बनाया है। सॉफ्टवेयर का उपयोग रूसी सरकारी एजेंसियों की वेबसाइटों को हैक करने के लिए किया गया।

यह रिपोर्ट गत माह अमेरिकी कंपनी सेंटिनलवन द्वारा रूस की प्रमुख जासूसी एजेंसियों में से एक संघीय सुरक्षा सेवा (FSB) और टेलीकॉम फर्म रोस्टेलकॉम (telecom firm Rostelecom) की साइबर यूनिट की ओर से जारी एक रिपोर्ट पर आधारित है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सरकारी एजेंसियों की वेबसाइटों को कैसे थंडरकैट्स (चीन से जुड़े एक हैकर समूह का नाम) ने हैक कर लिया।

अमेरिकी कंपनी सेंटिनलवन के विशेषज्ञों कहा कि हैकिंग टूल रूसी (Russia) एजेंसियों पर हमला करने वाला संदिग्ध चीनी जासूसों के एक व्यापक समूह से जुड़ा है। जिन्होंने एशियाई सरकारों को भी हाल के वर्षों में निशाना बनाया है। विशेषज्ञ इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि मेल-ओ नामक एक सॉफ्टवेयर (मालवेयर) चीन के हैकर्स ने विकसित किया है। जो एक डाउनलोडर प्रोग्राम है।

अद्वितीय है मौजूदा साइबर हमला

विशेषज्ञों ने रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा साइबर हमला अद्वितीय है। इसका आकलन विशेषज्ञों द्वारा संघीय स्तर पर खतरे के रूप में किया जा रहा है। एकदम नए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल ऐसा करने वालों ने किया। यही नहीं कई प्रकार के हमलों का इस्तेमाल हैकर्स ने एक साथ भी किया। जैसे – वेब कमजोरियों का शोषण, फिशिंग व ठेकेदारों के माध्यम से हमले किए गए।

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